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मन की बात

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मन मेरा

Posted On: 2 Apr, 2012 में

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मन मेरा

क्यूँ है मन मेरा ?

व्याकुल सा, उदास सा..

संवेदनाएं सभी क्षीण सी,

क्यूँ नही होती मुझे ?

जीने की चाह..

क्यूँ मुझ पर लिपटा है ?

निर्जीवता का लिबास सा..

क्यूँ है मन मेरा ?

व्याकुल सा उदास सा..

आज भी सागर में,

उठती हैं लहरें,

उड़ते हैं रूपसियों के आँचल भी.

पर,

उठती लहरें, उड़ते आँचल,

क्यूँ लगते हैं मुझे ?

परिहास सा…

क्यूँ है मन मेरा ?

व्याकुल सा उदास सा..

गातीं हैं कोयल भी,

गुजरता भी हूँ मैं,

पेड़ों के घने साये से होकर.

लेकिन,

मुझे होता भी नही,

वहाँ से गुजरती हुई,

महकती हवाओं का अहसास सा.

क्यूँ है मन मेरा ?

व्याकुल सा उदास सा..

नीले नभ में विचरतें हैं,

चंचल पक्षी,

मन में लिए आकाश की ऊचाईयां,

छू लेने की लगन,

फिर क्यूँ नही होता मुझमे भी?

स्वछन्द विचरण करने की,

इच्छा का विकास सा..

क्यूँ है मन मेरा ?

व्याकुल सा उदास सा..

चमकते हैं तारे भी रात में,

और सूरज दिन में…

फिर न जाने,

क्यूँ होता है मुझे?

हर तरफ अँधेरे का आभास सा.

क्यूँ है मन मेरा ?

व्याकुल सा उदास सा..

हर तरफ खुशियों का उल्लास सा,

फिर भी क्यूँ है ??

मन मेरा,

व्याकुल सा उदास सा..

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5 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

dineshaastik के द्वारा
April 26, 2012

सुन्दर भावपूर्ण  अभिव्यक्ति। बधाई…..

yogi sarswat के द्वारा
April 4, 2012

क्यूँ है मन मेरा ? व्याकुल सा उदास सा.. नीले नभ में विचरतें हैं, चंचल पक्षी, मन में लिए आकाश की ऊचाईयां, छू लेने की लगन, फिर क्यूँ नही होता मुझमे भी? स्वछन्द विचरण करने की, इच्छा का विकास सा.. क्यूँ है मन मेरा ? व्याकुल सा उदास सा.. मित्रवर , आपके ब्लॉग का नाम है अनुभूति -मन की आवाज़ ! सही में आपके मन की आवाज़ दूसरों के मन की आवाज़ भी है ! बहुत सुन्दर रचना ! प्रथम दर्शन , किन्तु बहुत सुन्दर !

    jai... के द्वारा
    April 4, 2012

    सारस्वत जी , पंक्तियाँ आपको पसन्द आयी इसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद ……..

RAJEEV KUMAR JHA के द्वारा
April 2, 2012

बहुत सुन्दर कविता जय जी. चमकते हैं तारे भी रात में, और सूरज दिन में… फिर न जाने, क्यूँ होता है मुझे? हर तरफ अँधेरे का आभास सा. क्यूँ है मन मेरा ? व्याकुल सा उदास सा.. हर तरफ खुशियों का उल्लास सा, सुन्दर पंक्तियाँ.

    jai... के द्वारा
    April 4, 2012

    राजीव जी हौसलाअफजाई के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद………


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